Himachal News: Kabaddi Player Ajay Thakur Press Conference – Ajay Thakur: फेडरेशन के किसी पदाधिकारी नहीं मांगेंगे माफी


ख़बर सुनें

अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अजय ठाकुर ने कहा कि वह अपनी बात पर अभी भी अडिग हैं। वह फेडरेशन के किसी भी पदाधिकारी से माफी नहीं मांगेंगे। ये सभी पदाधिकारी उनके स्तर के नहीं हैं। पत्रकारों से बातचीत में अजय ने कहा कि वह अर्जुन अवार्डी हैं। उनका किराया नहीं लगता है। इसलिए वह किराये की बात नहीं कर रहे हैं। खिलाड़ियों से पैसे लिए गए, वह उसके बारे में आरोप लगा रहे हैं।

फेडरेशन के लोग उन पर यह आरोप लगा रहे हैं कि वह अपने खिलाड़ियों को मैच में डलवाते हैं। बलदेव का नाम उन्होंने लिया है। बलदेव और विशाल भारद्वाज दो एसे खिलाड़ी हैं, जो वर्तमान में इंडिया कैंप में हैं। अगर इंडिया स्तर के खिलाड़ी के लिए भी चयन समिति कुछ नहीं कर रही है तो इसमें वह कुछ नहीं सकते हैं।

पंजेहरा के एक खिलाड़ी के लिए उन्हें अपनी जगह टीम में डालने के लिए कहा है। वहीं, कबड्डी के राष्ट्रीय खिलाड़ी रोहित राणा भी अजय ठाकुर के समर्थन में आगे आ गए हैं। रोहित राणा ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान जो भी खिलाड़ी अच्छा खेलता है, उसे फेडरेशन के अधिकारी हाफ टाइम में बाहर बैठा देते हैं। अपने चहेते खिलाड़ियों को टीम में डाल देते हैं, जिससे मेडल कहां से आएगा।

कबड्डी खिलाड़ी अजय के समर्थन में आई आप 
कबड्डी के खिलाड़ी और डीएसपी अजय ठाकुर के समर्थन में आम आदमी पार्टी आ गई है। हिमाचल आम आदमी पार्टी के स्पोर्ट्स विंग के अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि सरकार खेलों में राजनीति कर रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी के नेता खेलों में अपने करीबियों को तरजीह देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने शिमला में प्रेसवार्ता में कहा कि हिमाचल में खिलाड़ियों को खेलों से पीछे धकेला जा रहा है।

सुनील कुमार ने सरकार से पूछा है कि आखिर किस आधार पर खिलाड़ियों को पीछे कर अपने लोगों को प्राथमिकता देने का काम किया जा रहा है। सरकार की ओर से जिन खिलाड़ियों को नौकरी दी गई है, उसमें भी केवल अपने करीबियों को शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मंत्रियों और नेताओं को स्पोर्ट्स फेडरेशन के अध्यक्ष की कमान दी गई है, वह ज्यादातर खेलों के बारे में नहीं जानते हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में खेलों की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन सरकार इस तरफ  ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को दिल्ली सरकार से सीख लेनी चाहिए, जहां 79 एकड़ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। दिल्ली सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही है। 

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अजय ठाकुर ने कहा कि वह अपनी बात पर अभी भी अडिग हैं। वह फेडरेशन के किसी भी पदाधिकारी से माफी नहीं मांगेंगे। ये सभी पदाधिकारी उनके स्तर के नहीं हैं। पत्रकारों से बातचीत में अजय ने कहा कि वह अर्जुन अवार्डी हैं। उनका किराया नहीं लगता है। इसलिए वह किराये की बात नहीं कर रहे हैं। खिलाड़ियों से पैसे लिए गए, वह उसके बारे में आरोप लगा रहे हैं।

फेडरेशन के लोग उन पर यह आरोप लगा रहे हैं कि वह अपने खिलाड़ियों को मैच में डलवाते हैं। बलदेव का नाम उन्होंने लिया है। बलदेव और विशाल भारद्वाज दो एसे खिलाड़ी हैं, जो वर्तमान में इंडिया कैंप में हैं। अगर इंडिया स्तर के खिलाड़ी के लिए भी चयन समिति कुछ नहीं कर रही है तो इसमें वह कुछ नहीं सकते हैं।

पंजेहरा के एक खिलाड़ी के लिए उन्हें अपनी जगह टीम में डालने के लिए कहा है। वहीं, कबड्डी के राष्ट्रीय खिलाड़ी रोहित राणा भी अजय ठाकुर के समर्थन में आगे आ गए हैं। रोहित राणा ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान जो भी खिलाड़ी अच्छा खेलता है, उसे फेडरेशन के अधिकारी हाफ टाइम में बाहर बैठा देते हैं। अपने चहेते खिलाड़ियों को टीम में डाल देते हैं, जिससे मेडल कहां से आएगा।

कबड्डी खिलाड़ी अजय के समर्थन में आई आप 

कबड्डी के खिलाड़ी और डीएसपी अजय ठाकुर के समर्थन में आम आदमी पार्टी आ गई है। हिमाचल आम आदमी पार्टी के स्पोर्ट्स विंग के अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि सरकार खेलों में राजनीति कर रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी के नेता खेलों में अपने करीबियों को तरजीह देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने शिमला में प्रेसवार्ता में कहा कि हिमाचल में खिलाड़ियों को खेलों से पीछे धकेला जा रहा है।

सुनील कुमार ने सरकार से पूछा है कि आखिर किस आधार पर खिलाड़ियों को पीछे कर अपने लोगों को प्राथमिकता देने का काम किया जा रहा है। सरकार की ओर से जिन खिलाड़ियों को नौकरी दी गई है, उसमें भी केवल अपने करीबियों को शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मंत्रियों और नेताओं को स्पोर्ट्स फेडरेशन के अध्यक्ष की कमान दी गई है, वह ज्यादातर खेलों के बारे में नहीं जानते हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में खेलों की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन सरकार इस तरफ  ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को दिल्ली सरकार से सीख लेनी चाहिए, जहां 79 एकड़ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। दिल्ली सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही है। 



Source link